मिथिला

प्राचीन युग में मिथिला एक समृद्धशाली राज्य था। मिथिला को एक राज्य के रूप में जाना जाता था। मिथिला की संस्कृति तथा संस्कार  ही उसकी पहचान रही है। मिथिला नाम मिथि नामक राजा के द्वारा दिया गया था। 
मिथिला वर्तमान भारत का एक प्रस्तावित राज्य है। जो आज बिहार तथा झारखंड का प्रक्षेत्र है।जहा की भाषा मैथिली तथा लिपि मिथिलाक्षर है। प्रस्तावित राज्य मिथिला की राजधानी दरभंगा शहर को बनाने की बात चल रही है।क्योंकि दरभंगा को बिहार की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है।इसके अलावा प्रस्तावित राज्य मिथिला की राजधानी के रूप में मुज़फ्फरपुर का नाम  भी लिया जा रहा है। प्रस्तावित मिथिला राज्य के अंतर्गत बिहार तथा झारखंड राज्य के लगभग 29 जिले आएँगे। 
डॉ लक्ष्मण झा ने आजादी के तुरंत बाद मिथिला राज्य की मांग की थी। इसके बाद डॉ जगन्नाथ मिश्र ने भी इस मांग पर सहमति दी थी।मिथिला महासभा, मिथिला विकास कांग्रेस, मिथिला विधार्थी परिषद, अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति के अलावा दरभंगा राज ने भी अलग मिथिला राज्य के लिए आंदोलन किये  इस आंदोलन में दरभंगा के पूर्व सांसद कृति आजाद का भी नाम आता है, उन्होंने अलग मिथिला राज्य के लिए हस्त्ताक्षर अभियान चलाया था। 
मिथिला राज्य के लिए आंदोलन शिथिल होती जा रही है। क्योकि बिहार को बाँटकर अलग झारखंड राज्य का निर्माण किया जा चुका है। मिथिला राज्य की मांग जायज है। यहाँ के लोगों की भाषा तथा संस्कृति अलग अलग है। 
(जय मिथिला जय मैथिली) 
संकलन                                       संपादक
श्वेता मिश्रा                        डॉ संतोष आनंद मिश्रा
Research Scholar      DAV P S Manpur 
Magadh University            Gaya




टिप्पणियाँ

  1. अतिप्राचीन संस्कृति व सभ्यता को अक्षुण्य बनायें रखना वर्त्तमान का पुनीत धर्म है।
    इस तरह के लेखन के लिए ह्रदयतल से साधुवाद!
    सादर नमस्कार

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